OMSS में देरी और बढ़ती निर्यात मांग के बीच गेहूं बाजार की नजर ₹2800 पर

घरेलू गेहूं बाजार में शुक्रवार को भी संतुलित लेकिन मजबूत रुख देखने को मिला। सरकारी OMSS (Open Market Sale Scheme) के तहत पहली ई-नीलामी, बिक्री की मात्रा और एफसीआई डिपोवार आवंटन को लेकर अब तक कोई स्पष्ट घोषणा नहीं होने से बाजार को लगातार समर्थन मिल रहा है। वहीं रैक लोड की मांग में सुधार और सीमित बिकवाली ने बाजार की मजबूती को बनाए रखा है। दिल्ली लॉरेंस रोड पर गेहूं का भाव पिछले कई कारोबारी सत्रों से ₹2765-2770 प्रति क्विंटल के मजबूत दायरे में बना हुआ है। इससे स्पष्ट है कि निचले स्तरों पर खरीदारी सक्रिय है और स्टॉकिस्ट भी मौजूदा भाव पर बड़ी मात्रा में माल बेचने के पक्ष में नहीं हैं। अधिकांश व्यापारी फिलहाल आवश्यकता अनुसार ही खरीदारी कर रहे हैं। 12 मई से 16 जुलाई 2026 के दौरान दिल्ली लॉरेंस रोड गेहूं का न्यूनतम भाव ₹2660 और उच्चतम ₹2780 प्रति क्विंटल दर्ज किया गया, जबकि औसत भाव ₹2735 प्रति क्विंटल रहा। दिलचस्प बात यह है कि 2025 की समान अवधि में औसत भाव ₹2736 प्रति क्विंटल था। इसके बावजूद इस वर्ष बाजार ने निचले स्तर से लगभग ₹120 प्रति क्विंटल की मजबूत रिकवरी दर्ज की है। पिछले 8-10 कारोबारी सत्रों से ₹2765-2770 के दायरे में टिकाव बाजार की मजबूती का संकेत माना जा रहा है। देश के प्रमुख बाजारों में अधिकांश स्थानों पर गेहूं के भाव स्थिर से मजबूत रहे। दिल्ली लॉरेंस रोड: ₹2765 प्रति क्विंटल इंदौर (मिल क्वालिटी): ₹2550-2600 (+₹40) कोटा (मिल क्वालिटी): ₹2500-2550 (+₹20) कोटा (लस्टर): ₹2450-2525 (+₹25) जावरा (मिल क्वालिटी): ₹2425-2470 (+₹20) जावरा (बेहतर मिल गेहूं): ₹2490-2540 (+₹10) वाराणसी नेट: ₹2820 (+₹20) कानपुर: ₹2620 (+₹20) लखनऊ: ₹2620 (+₹20) बरेली: ₹2635 कोलकाता नेट: ₹2810 (स्थिर) बेंगलुरु (एमपी लाइन): ₹2925 (+₹35) बेंगलुरु (राजस्थान लाइन): ₹3000-3120 (+₹20) जम्मू लाइन में पिछले छह कारोबारी दिनों के दौरान लगभग ₹45 प्रति क्विंटल की तेजी दर्ज की गई है। उत्तर प्रदेश के अधिकांश बाजारों में आटा, मैदा और सूजी के भाव स्थिर रहे, जबकि कोलकाता में तैयार उत्पादों में ₹15 से ₹50 प्रति क्विंटल तक मजबूती देखी गई। गोरखपुर मंडल में भी तैयार उत्पादों के भाव लगभग ₹10 बढ़े हैं। छत्तीसगढ़ और बेंगलुरु की मिलों में गेहूं ₹10-40 तक मजबूत हुआ, जबकि हैदराबाद में कारोबार अपेक्षाकृत शांत रहा। तैयार उत्पादों की अच्छी मांग फ्लोर मिलों के बेहतर प्रोसेसिंग मार्जिन का संकेत दे रही है, जिससे कच्चे गेहूं को मजबूत आधार मिल रहा है। वैश्विक बाजार से तेजी के संकेत अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी गेहूं की कीमतों को मजबूती मिल रही है। रूस-यूक्रेन तनाव के बीच ब्लैक सी क्षेत्र में बढ़ती अनिश्चितता के कारण वैश्विक आपूर्ति को लेकर चिंताएं बढ़ी हैं। इसके चलते CBOT Wheat पिछले एक सप्ताह में करीब 11% उछलकर लगभग $6.74 प्रति बुशल तक पहुंच गया है, जबकि यूरोनेक्स्ट सितंबर गेहूं वायदा लगभग 228.5 यूरो प्रति टन के एक वर्षीय उच्च स्तर पर कारोबार कर रहा है। वैश्विक तेजी का असर भारतीय बाजार पर भी दिखाई देने लगा है। बांग्लादेश से पूछताछ बढ़ी है और खरीदार पहले की तुलना में ₹10-20 प्रति क्विंटल ऊंचे भाव पर खरीदारी में रुचि दिखा रहे हैं। यदि अंतरराष्ट्रीय बाजार मजबूत बना रहता है तो आने वाले दिनों में भारतीय गेहूं के नए निर्यात सौदों की संभावना बढ़ सकती है। बाजार विशेषज्ञों के अनुसार दिल्ली लाइन में ₹2760 प्रति क्विंटल अब मजबूत सपोर्ट स्तर बन चुका है, जबकि ₹2780 निकट अवधि का प्रमुख रेजिस्टेंस बना हुआ है। यदि वैश्विक तेजी, निर्यात मांग और OMSS में देरी का मौजूदा माहौल जारी रहता है तथा बाजार ₹2780 के ऊपर टिकता है, तो भाव ₹2800-2825 प्रति क्विंटल तक पहुंच सकते हैं। हालांकि यदि सरकार अचानक बड़े पैमाने पर OMSS के तहत गेहूं की बिक्री शुरू करती है तो ऊपरी स्तरों पर कुछ दबाव बन सकता है। फिलहाल बाजार की धारणा सकारात्मक बनी हुई है और व्यापारियों की नजर OMSS नीति, वैश्विक बाजारों और निर्यात मांग पर टिकी हुई है।

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