मानसून अपडेट: बंगाल की खाड़ी में मजबूत हुआ सिस्टम, अगले 48 घंटे भारी बारिश के संकेत

उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और उससे सटे उत्तरी ओडिशा-पश्चिम बंगाल तटों पर बना कम दबाव का क्षेत्र अब अच्छी तरह से चिह्नित कम दबाव वाले क्षेत्र (Well-Marked Low Pressure Area) में बदल गया है। यह सिस्टम 16 जुलाई 2026 की सुबह 8:30 बजे तक इसी क्षेत्र में सक्रिय रहा और अगले दो दिनों के दौरान उत्तर ओडिशा तथा गंगा के मैदानी पश्चिम बंगाल से होते हुए उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ने की संभावना है। इस सिस्टम के प्रभाव से ओडिशा, पश्चिम बंगाल, झारखंड, बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश में व्यापक बारिश की गतिविधियां तेज हो सकती हैं। कई स्थानों पर मध्यम से भारी और कहीं-कहीं बहुत भारी वर्षा होने के आसार हैं। वहीं मॉनसून ट्रफ का पश्चिमी सिरा सामान्य स्थिति से उत्तर की ओर बना हुआ है, जबकि पूर्वी सिरा सामान्य स्थिति के आसपास है। इसके अलावा जम्मू-कश्मीर क्षेत्र में एक पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय है, जिससे उत्तर-पश्चिम भारत के मौसम पर भी असर पड़ रहा है। इसके साथ ही उत्तरी हरियाणा, पूर्वी उत्तर प्रदेश-बिहार और दक्षिण-पश्चिम राजस्थान के ऊपर भी निचले क्षोभमंडल में चक्रवाती परिसंचरण बने हुए हैं। बंगाल की खाड़ी में सक्रिय कम दबाव वाले क्षेत्र से जुड़ा ट्रफ पूर्वी-मध्य अरब सागर तक फैला हुआ है, जिससे नमी की आपूर्ति लगातार बनी रहेगी। विशेषज्ञों के अनुसार 19 जुलाई से उत्तर-पश्चिम भारत पर एक नया पश्चिमी विक्षोभ असर दिखाना शुरू करेगा। इसके चलते पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में फिर से बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। कुल मिलाकर, आने वाले कुछ दिन देश के पूर्वी, मध्य और उत्तर-पश्चिमी हिस्सों के लिए सक्रिय मानसूनी दौर लेकर आने वाले हैं। किसानों और आम लोगों को स्थानीय मौसम अपडेट और पूर्वानुमानों पर नजर बनाए रखने की सलाह दी गई है।

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