मानसून अपडेट: 13 से 18 जुलाई के दौरान देश के कई राज्यों में बारिश, भारी वर्षा और आंधी-तूफान के आसार
देश के अधिकांश हिस्सों में मानसून सक्रिय बना हुआ है। 12 से 18 जुलाई के दौरान मध्य भारत, पूर्वी भारत, पूर्वोत्तर के कुछ क्षेत्रों तथा दक्षिण भारत के कई राज्यों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ कई स्थानों पर भारी वर्षा, आंधी-तूफान, बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की संभावना है। मध्य भारत: छत्तीसगढ़, पूर्वी मध्य प्रदेश, पश्चिमी मध्य प्रदेश और विदर्भ में 12 से 18 जुलाई के बीच कई स्थानों पर बारिश होने के आसार हैं। 12 से 16 जुलाई के दौरान छत्तीसगढ़ और पूर्वी मध्य प्रदेश तथा 12 और 16 जुलाई को विदर्भ में गरज-चमक, आंधी और बिजली गिरने की संभावना है। वहीं, 14 और 15 जुलाई को छत्तीसगढ़ के कुछ इलाकों में भारी बारिश हो सकती है। पूर्वी भारत: अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह में 12 से 16 जुलाई के दौरान व्यापक वर्षा जारी रहने की संभावना है। गंगा के मैदानी पश्चिम बंगाल, हिमालयी पश्चिम बंगाल एवं सिक्किम में 12 से 18 जुलाई तक, झारखंड और ओडिशा में 13 से 18 जुलाई तक तथा बिहार में 13 से 14 जुलाई के दौरान बारिश के आसार हैं। हिमालयी पश्चिम बंगाल एवं सिक्किम, गंगा के मैदानी पश्चिम बंगाल, बिहार और ओडिशा के कई इलाकों में अलग-अलग दिनों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई गई है। इसके अलावा अंडमान एवं निकोबार, झारखंड, ओडिशा, बिहार तथा पश्चिम बंगाल के कई हिस्सों में गरज-चमक, बिजली गिरने और 30 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। दक्षिण भारत: 12 से 18 जुलाई के दौरान तेलंगाना, तमिलनाडु, पुडुचेरी एवं कराईकल, उत्तरी और दक्षिणी आंतरिक कर्नाटक में कई स्थानों पर बारिश होने की संभावना है। केरल एवं माहे में 12 से 17 जुलाई तक तथा तटीय कर्नाटक में 13 से 15 जुलाई के बीच वर्षा गतिविधियां जारी रहने के आसार हैं। तटीय आंध्र प्रदेश, यनम, रायलसीमा और लक्षद्वीप में भी अलग-अलग दिनों में बारिश दर्ज हो सकती है। 18 जुलाई को केरल, माहे और लक्षद्वीप तथा 12 एवं 16 से 18 जुलाई के दौरान तटीय कर्नाटक में व्यापक वर्षा होने की संभावना है। तटीय आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, केरल, कर्नाटक और आसपास के क्षेत्रों में कई स्थानों पर गरज-चमक, बिजली गिरने और 40 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की आशंका है। सलाह: BKC Aggregators बारिश, आंधी और बिजली गिरने की संभावना वाले क्षेत्रों में लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी जाती है। किसानों को मौसम को ध्यान में रखते हुए कृषि कार्यों की योजना बनानी चाहिए तथा तेज बारिश और तेज हवाओं के दौरान खुले स्थानों और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचना चाहिए।