सरसों बाजार में सप्ताहभर मजबूती, सीमित मुनाफावसूली के बावजूद तेजी बरकरार
इस सप्ताह सरसों बाजार में ₹100–200 प्रति क्विंटल तक की मजबूत तेजी देखने को मिली। सप्ताह के दौरान मुनाफावसूली के कारण हल्का करेक्शन जरूर आया, लेकिन शनिवार तक बाजार ने दोबारा मजबूती हासिल कर ली। प्रमुख मंडियों में जयपुर सरसों ₹100 की बढ़त के साथ ₹8,025, भरतपुर ₹150 बढ़कर ₹7,660, सुमेरपुर ₹140 की तेजी के साथ ₹8,050 और गोयल कोटा प्लांट ₹200 की बढ़त के साथ ₹8,000 पर पहुंच गया। प्रमुख प्रोसेसरों में भी खरीदारी मजबूत रही। सलोनी प्लांट पर सरसों के भाव ₹200 प्रति क्विंटल बढ़कर शमसाबाद ₹8,875, दिगनेर ₹8,885, मुरैना ₹8,875, अलवर ₹8,800 और कोटा ₹8,800 पर बंद हुए। आवक घटी, सप्लाई पक्ष से बाजार को समर्थन ऑल इंडिया स्तर पर सरसों की दैनिक आवक घटकर लगभग 2.5 लाख बोरी रह गई, जो पिछले सप्ताह की तुलना में करीब 1 लाख बोरी कम है। घटती आवक ने बाजार की धारणा को मजबूती दी है और ऊंचे भावों को समर्थन मिला है। सरसों तेल में मजबूती जारी इस सप्ताह सरसों तेल के दामों में ₹30–40 प्रति 10 किलो तक की तेजी दर्ज की गई। विदेशी खाद्य तेल बाजारों में मजबूती के साथ-साथ सोयाबीन और पाम ऑयल में आई रिकवरी ने भी घरेलू बाजार को समर्थन दिया। फिलहाल बाजार में बड़ी कमजोरी के संकेत नहीं हैं। जब तक सरसों तेल ₹1,550 प्रति 10 किलो के प्रमुख सपोर्ट स्तर के ऊपर बना रहता है, तब तक सीमित गिरावट को खरीदारी का अवसर माना जा सकता है। स्टॉक स्थिति संतुलित, लेकिन पिछले वर्ष से कम जून में लगभग 10 लाख टन सरसों की आवक के बाद मौजूदा सीजन में कुल आवक 64.5 लाख टन तक पहुंच चुकी है। इनमें से करीब 53 लाख टन की क्रशिंग हो चुकी है। जुलाई की शुरुआत में किसानों के पास लगभग 51.25 लाख टन तथा प्रोसेसरों एवं स्टॉकिस्टों के पास 13.5 लाख टन सरसों उपलब्ध है। इस प्रकार कुल स्टॉक 65.25 लाख टन आंका गया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 6.7% कम है। हालांकि जुलाई से फरवरी के बीच सामान्यतः 65–68 लाख टन सरसों की क्रशिंग होती है, इसलिए वर्तमान स्टॉक को बाजार की आवश्यकता के लिए पर्याप्त माना जा रहा है। सरकारी नीलामी का सीमित प्रभाव 10 जुलाई को सरकार द्वारा सरसों की नीलामी की गई, लेकिन उपलब्ध स्टॉक सीमित होने के कारण बाजार पर इसका कोई विशेष दबाव नहीं देखा गया। घटती आवक और मजबूत मांग के चलते सरसों के भाव सीजन के उच्च स्तर के करीब कारोबार कर रहे हैं। BKC Aggregator View बाजार के मौजूदा फंडामेंटल सकारात्मक बने हुए हैं। निकट अवधि में ₹25–50 की अतिरिक्त तेजी के बाद ₹100–150 प्रति क्विंटल तक की मुनाफावसूली देखने को मिल सकती है। हालांकि, मजबूत मांग और सीमित आवक को देखते हुए बड़ी गिरावट की संभावना फिलहाल कम नजर आती है। करेक्शन के बाद बाजार में दोबारा ₹100–150 की रिकवरी की संभावना बनी हुई है। जुलाई के दौरान सरसों में ₹100–200 प्रति क्विंटल के दायरे में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है, जबकि अगस्त से त्योहारी मांग शुरू होने पर दिवाली तक बाजार में बड़े उछाल की संभावना बनी हुई है। तकनीकी स्तर: जयपुर मंडी में सरसों फिलहाल ₹8,025 प्रति क्विंटल पर कारोबार कर रही है। यदि भाव ₹8,150 के ऊपर टिकते हैं, तो बाजार में नई तेजी का चरण शुरू हो सकता है। इसलिए ₹8,150 का स्तर निकट अवधि के लिए महत्वपूर्ण प्रतिरोध माना जा रहा है। Disclaimer: यह विश्लेषण केवल बाजार की उपलब्ध जानकारी एवं मौजूदा रुझानों पर आधारित है। किसी भी व्यापारिक निर्णय से पहले अपने विवेक एवं जोखिम क्षमता का अवश्य आकलन करें।