मक्का बाजार बढ़ती आवक के बावजूद मजबूती कायम, ₹2400 के स्तर पर बाजार की नजर

नई फसल की आवक लगातार बढ़ने के बावजूद मक्का बाजार अपेक्षा से अधिक मजबूत बना हुआ है। व्यापारिक सूत्रों के अनुसार बाजार में मांग का आधार मजबूत रहने से कीमतों पर दबाव सीमित है। वर्तमान परिस्थितियों में खरीदारों की सक्रियता बाजार को सहारा दे रही है, जिससे भावों में बड़ी गिरावट देखने को नहीं मिली है। बिहार लाइन में मक्का के भाव ₹1900-2050 प्रति क्विंटल के आसपास स्थिर बने हुए हैं। वहीं रेल रैक खरीददारों ने अपने खरीद भाव घटाकर ₹1880-1890 प्रति क्विंटल तक कर दिए हैं। इसके बावजूद बाजार में व्यापक कमजोरी नहीं दिख रही, क्योंकि अन्य राज्यों से अच्छी मांग बनी हुई है। तमिलनाडु, महाराष्ट्र और विभिन्न स्टॉकिस्टों की लगातार खरीदारी बाजार को मजबूत समर्थन प्रदान कर रही है। विशेष रूप से महाराष्ट्र में मांग सबसे अधिक सक्रिय बताई जा रही है। सांगली में भाव ₹2375, जोधपुर में ₹2390 तथा मुंबई निर्यात खरीद ₹2280-2300 प्रति क्विंटल तक पहुंच चुकी है। उत्तर प्रदेश में नई आवक बढ़ने से एटा और कासगंज मंडियों में कुछ नरमी देखने को मिली है। यहां भाव क्रमशः ₹1880-1900 और ₹1950 प्रति क्विंटल तक कमजोर हुए हैं। हालांकि व्यापारियों का मानना है कि यह दबाव मुख्य रूप से आवक बढ़ने के कारण है और मांग पक्ष अभी भी संतोषजनक बना हुआ है। गुजरात डिलीवरी के लिए ₹2300 प्रति क्विंटल के आसपास फॉरवर्ड सौदों की चर्चा बाजार में हो रही है, जो वास्तविक खपत मांग की मजबूती को दर्शाती है। इसके अलावा तेलंगाना के सरकारी टेंडर में ₹1900-1970 प्रति क्विंटल की ऊंची बोलियां भी बाजार के लिए सकारात्मक संकेत मानी जा रही हैं। हाल ही में आयोजित ई-ऑक्शन में औसत मूल्य लगभग ₹1934 प्रति क्विंटल दर्ज किया गया। विश्लेषकों के अनुसार निकट अवधि में सबसे बड़ा जोखिम बढ़ती आवक और सीमित स्टॉकिस्ट खरीदारी है। यदि आवक का दबाव और बढ़ता है तो बाजार में कुछ समय के लिए कमजोरी देखी जा सकती है। हालांकि बिहार में सीमित उपलब्धता, एथेनॉल एवं स्टार्च उद्योगों की मांग तथा निर्यात गतिविधियां बाजार की प्रमुख ताकत बनी हुई हैं। तकनीकी रूप से ₹1880-1900 प्रति क्विंटल का स्तर मजबूत सपोर्ट माना जा रहा है, जबकि ₹2350-2400 प्रमुख रेजिस्टेंस जोन है। यदि आवक नियंत्रित रहती है और औद्योगिक मांग मजबूत बनी रहती है, तो मक्का बाजार ₹2400 प्रति क्विंटल के स्तर का पुनः परीक्षण कर सकता है। ट्रेडर दृष्टिकोण: वर्तमान परिस्थितियों में बाजार पर होल्ड की रणनीति उपयुक्त मानी जा रही है। मजबूत सपोर्ट स्तर और मांग के कारण लंबी अवधि की धारणा सकारात्मक बनी हुई है, जबकि अल्पकाल में आवक के दबाव पर नजर रखना आवश्यक होगा।

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