तेल मिलों की सीमित खरीद से सरसों के भाव स्थिर, मंडियों में आवक बढ़ी
तेल मिलों की मांग कमजोर रहने के कारण सोमवार को घरेलू बाजार में सरसों के भाव स्थिर बने रहे। जयपुर में कंडीशन सरसों का भाव पूर्व स्तर ₹8,050 प्रति क्विंटल पर कायम रहा। इस बीच उत्पादक क्षेत्रों की मंडियों में सरसों की दैनिक आवक में वृद्धि दर्ज की गई। हालांकि, शाम के कारोबार में कई ब्रांडेड तेल मिलों ने अपनी खरीद कीमतों में ₹25 से ₹50 प्रति क्विंटल तक की बढ़ोतरी की। वैश्विक खाद्य तेल बाजार में मिश्रित रुख देखने को मिला। अवकाश के चलते मलेशिया में पाम तेल वायदा कारोबार बंद रहा, जबकि शिकागो में सोया तेल वायदा कीमतों में मजबूती दर्ज की गई। कारोबारियों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में खाद्य तेलों के दामों में फिलहाल बड़ी तेजी की संभावना कम है। मलेशिया से निर्यात शिपमेंट घटने के कारण वहां स्टॉक बढ़ने की आशंका बनी हुई है, जिससे कीमतों पर दबाव रह सकता है। घरेलू बाजार में सरसों तेल के भाव स्थिर से मजबूत बने रहे। व्यापारियों के अनुसार, प्रमुख उत्पादक राज्यों की मंडियों में सरसों की आवक बढ़ी है। किसानों के पास अभी भी सरसों का पर्याप्त भंडार मौजूद है, इसलिए निकट भविष्य में आवक का स्तर बना रहने की उम्मीद है। जानकारों का मानना है कि खाद्य तेलों की घरेलू मांग बनी रहेगी, जबकि हाजिर बाजार में सरसों तेल की कीमतों की दिशा काफी हद तक आयातित खाद्य तेलों के दामों पर निर्भर करेगी। शिकागो में जुलाई डिलीवरी वाले सोया तेल वायदा अनुबंध में 0.33 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई। प्रमुख घरेलू बाजारों में कोलकाता में कच्ची घानी सरसों तेल के भाव बढ़कर ₹1,630 प्रति 10 किलो पहुंच गए। वहीं भरतपुर में इसके दाम घटकर ₹1,580 प्रति 10 किलो रह गए, जबकि टोंक में कीमतें नरम होकर ₹1,573 प्रति 10 किलो दर्ज की गईं। सरसों खल बाजार में भी कमजोरी का रुख देखने को मिला। चरखी दादरी में सरसों खल के भाव घटकर ₹3,250 प्रति क्विंटल रह गए। भरतपुर में इसके दाम ₹3,350 प्रति क्विंटल पर आ गए, जबकि कोटा मंडी में सरसों खल का भाव ₹3,250 प्रति क्विंटल पर स्थिर बना रहा। सोमवार को उत्पादक मंडियों में सरसों की कुल दैनिक आवक बढ़कर 7 लाख बोरी दर्ज की गई, जबकि पिछले कारोबारी दिवस में यह 6.50 लाख बोरी थी।