उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में हीटवेव से राहत, आँधी-बारिश और धूलभरी हवाओं के आसार

उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में पिछले एक सप्ताह से जारी भीषण गर्मी और लू से अब अस्थायी राहत मिलने की संभावना है। पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में तापमान में गिरावट दर्ज की जा सकती है। हालांकि यह राहत कुछ दिनों के लिए ही रहने की उम्मीद है, क्योंकि जून के पहले सप्ताह में गर्मी दोबारा बढ़ सकती है। मौसम में यह बदलाव एक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के कारण देखने को मिलेगा, जो जल्द ही जम्मू-कश्मीर और लद्दाख क्षेत्र में पहुंचेगा। इसके प्रभाव से उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में एक प्रेरित चक्रवाती परिसंचरण बनेगा। साथ ही, एक पूर्व-पश्चिम ट्रफ गंगा के मैदानी क्षेत्रों से होते हुए दक्षिण झारखंड और आसपास के छत्तीसगढ़ तक फैलेगी, जिससे मौसम गतिविधियां तेज होंगी। पिछले कुछ दिनों से पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई शहरों में तापमान 40°C से 44°C के बीच बना हुआ है। बठिंडा, लुधियाना, हिसार, रोहतक, मेरठ और अलीगढ़ जैसे शहरों में लोगों को तेज गर्मी का सामना करना पड़ा। वहीं, सिरसा और रोहतक में तापमान लगभग 46°C तक पहुंच गया, जिससे हीटवेव की स्थिति और गंभीर हो गई। पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में गरज-चमक के साथ बारिश, धूलभरी आँधी और तेज हवाएं चलने की संभावना है। इस दौरान कुछ इलाकों में ओलावृष्टि भी हो सकती है। बिजली चमकने और तूफानी मौसम को लेकर भी अलर्ट जारी किया गया है। इन प्री-मानसून गतिविधियों के कारण तापमान में 7°C से 8°C तक की गिरावट दर्ज हो सकती है। कई इलाकों में दिन का तापमान घटकर 34°C से 35°C तक पहुंच सकता है, जिससे लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिलेगी। मौसम के 2 और 3 जून के आसपास साफ होने की संभावना है, जिसके बाद एक बार फिर तापमान बढ़ने लगेगा।

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