सरसों की अधिक बिजाई से उत्पादन बढ़ने की उम्मीद; नई फसल आने से पहले ₹1-1.5 प्रति किलो मजबूती के आसार
सरसों के मजबूत भाव को देखते हुए इस सीजन में किसानों ने सभी प्रमुख उत्पादक क्षेत्रों में बिजाई बढ़ा दी है। अब तक मौसम अनुकूल रहने से सरसों के उत्पादन में लगभग 14-15 लाख टन की वृद्धि का अनुमान लगाया जा रहा है। हालांकि उत्पादन बढ़ने की संभावना है, लेकिन निचले स्तरों पर तेल मिलों की मजबूत खरीद के चलते नई फसल आने से पहले सरसों के भाव में ₹1-1.5 प्रति किलो की तेजी आने की संभावना जताई जा रही है। देशभर में सरसों की बिजाई में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है, जिसका प्रमुख कारण जयपुर में 42 प्रतिशत कंडीशन वाली सरसों का भाव ₹7,650 प्रति क्विंटल तक पहुंचना है। विशेषज्ञों के अनुसार, पिछले वर्ष उत्तर प्रदेश, हरियाणा, राजस्थान और मध्य प्रदेश सहित सभी प्रमुख उत्पादक राज्यों में सरसों की बिजाई 86.57 लाख हेक्टेयर में हुई थी, जबकि इस वर्ष अब तक यह आंकड़ा बढ़कर 89.36 लाख हेक्टेयर तक पहुंच चुका है। फिलहाल बिजाई का सीजन लगभग समाप्ति की ओर है। वर्तमान बिजाई स्तर और अनुकूल मौसम को ध्यान में रखते हुए सरसों का उत्पादन लगभग 120 लाख मीट्रिक टन रहने का अनुमान है। पिछले वर्ष अखिल भारतीय तिलहन सेमिनार में सरसों का उत्पादन करीब 111 लाख मीट्रिक टन आंका गया था, लेकिन राजस्थान के कुछ क्षेत्रों में तेज हवा से फसल को हुए नुकसान के कारण वास्तविक उत्पादन घटकर 105-106 लाख मीट्रिक टन रह गया था। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी पाम ऑयल सहित अन्य खाद्य तेलों के मजबूत भाव, विशेषकर इंडोनेशिया और मलेशिया में, घरेलू सरसों के बाजार को समर्थन दे रहे हैं। चालू सीजन में जयपुर में सरसों का भाव ₹7,650 प्रति क्विंटल तक पहुंचा था। पिछले सप्ताह ₹7,125 प्रति क्विंटल के निचले स्तर को छूने के बाद भाव अब सुधरकर लगभग ₹7,225 प्रति क्विंटल हो गए हैं और नई फसल आने से पहले इनमें ₹1-1.5 प्रति किलो की और तेजी के आसार बन रहे हैं। सभी क्षेत्रों में फसल की स्थिति बेहद अच्छी बताई जा रही है। यदि फरवरी मार्च के दौरान मौसम सामान्य रहा, तो उत्पादन अनुमानित 120 लाख मीट्रिक टन तक पहुंच सकता है। हालांकि मंडियों में अभी स्टॉक उपलब्ध है, लेकिन अन्य खाद्य तेलों के बढ़ते भाव और सोयाबीन तेल में आई मजबूती से सरसों के भाव को और समर्थन मिलने की संभावना है। बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, मौजूदा भाव में स्टॉक का माल धीरे-धीरे बेचना चाहिए और कुछ मात्रा रोककर रखना लाभदायक हो सकता है, क्योंकि निकट अवधि में मजबूती के संकेत हैं। सरसों तेल, जो पहले ₹172 प्रति किलो तक बिका था, गिरकर ₹142 प्रति किलो आ गया था और फिलहाल इसके भाव ₹145-146 प्रति किलो चल रहे हैं। नई फसल आने से पहले इसके भाव ₹150-151 प्रति किलो तक पहुंच सकते हैं, हालांकि हर बढ़त पर मुनाफा लेते रहने की सलाह दी जा रही है।