मक्का के भाव स्थिर से कमजोर

देश के प्रमुख बाजारों में मंगलवार को मक्का के भाव स्थिर से कमजोर बने रहे। बिहार में घरेलू खपत कम और निर्यात में रुचि सीमित रहने के कारण भावों में कोई खास उछाल नहीं आया। बिहार के गुलाबबाग मंडी में औसत गुणवत्ता वाले मक्का के भाव 20 रुपये प्रति क्विंटल गिरकर 1,925 से 2,050 रुपये प्रति क्विंटल रह गए। पूरे सत्र में खरीदारी धीमी रही। पूर्वी भारत के बाजार भी कमजोर बने रहे, कई केंद्रों में व्यापार नगण्य था और नई बोली लगभग नहीं लगी। मध्य और पश्चिम भारत, खासकर महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश में भी भाव कमजोर रहे, क्योंकि स्थानीय आपूर्ति पर्याप्त थी और पोल्ट्री व स्टार्च उद्योग से मांग कम थी। व्यापारियों ने बताया कि स्टॉकिस्ट्स धीरे-धीरे अपने भंडार बेच रहे हैं, जिससे बाजार पर दबाव बढ़ रहा है। कमजोर निर्यात पूछताछ ने भावों का एक अहम सहारा हटा दिया है और घरेलू औद्योगिक खरीदार ही मुख्य मांग स्रोत बने हैं। ये खरीदार फिलहाल देखो और खरीदो नीति अपना रहे हैं। निकट भविष्य में मक्का का बाजार दायरे में रहने की संभावना है और कीमतों पर दबाव बना रहेगा। जब तक निर्यात मांग में सुधार नहीं होता या आवक काफी धीमी नहीं हो जाती, तब तक भावों में स्थायी वृद्धि की उम्मीद नहीं है। वर्तमान स्थिति को देखते हुए अधिक आक्रामक खरीदारी की सलाह नहीं है, क्योंकि औद्योगिक जरूरत के हिसाब से खरीदारी किसी भी लंबे समय तक चलने वाले भाव उछाल को सीमित कर सकती है।

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